राजस्‍थान NRHM लेखाकार यूनियन आपका हार्दिक स्‍वागत करती है।


 


 

   " हो सकता है कि मैं आपके विचारों से सहमत न हो पाउं फिर भी विचार प्रकट करने के आपके अधिकारों की रक्षा करूगां। - वाल्‍तेयर  

 


  " इस वेबसाईट का प्रकाशन एक व्‍यवस्‍था के कुचक्र में फंसे तथा एक ही हित रखने वाल व्‍यक्‍तियों के विचारों के आदान-प्रदान एंव संदेश वाहक के रूप में किया जा रहा है अतः इस वेबसाट में प्रकाशित किसी भी तथ्‍य का उदे्श्‍य किसी व्‍यक्ति, समाज, धर्म, वर्ग आदि को ठेस पहुचाना नहीं है । "


 वेबसाइट निरिक्षणकर्ताओं की संख्‍या :- 

 

      Gyapan to Chief minister Rajasthan through Collecter

Priya Bhaiyo Dated 15/04/2015 & 16/04/2015 ko Sabhi Dist. se C. M ke nam jariya jila collecter ko gyapan deve, thaki Management cader ki bhartiya bhi ho sake, Gyapan sabhi dist level par sangarsath bhaiyo ki personal email id par bheje ja chuke hai, kuch karanwansh website par gyapan download nahi kiya gaya hai. Ap CRA Union Ki WEb Me Bharti option par jakar gyapan download kar leve or collecter ko jarur deve

Dated 28/3/2015 or 06/4/2015 ko mamagemnet union ki taraf se Sunil kumar sain, pappu choudhary, pradeep sharma, shabaj khan or bhai log health minister se mile tthe, parantu health minister sahab ke dwara koi responce nahi diya gaya, or sabhi jilo me mr sunil kumar sen, pradeep sharma, pappu choudhary, shabaj khan dwara personal phone par sabhi jilo ke sangarsth karyakarni members ko suchit kiya gaya tha paranthu uske bad bhi healt minister ke samne matra 39 log hi the, yeh bade afsos i bat hai or additional director sahab ke dawara purv me kuch datas ke liye bola gaya tha paranthu aj tak bhi ek matra bhilwara jile ko chor kar kise bhi jile se data nahi bheje gaye hai, yeh bade sharam ki bat hai ki hum logo ko hamare rojagar ki hi chinta nahi hai,

                                                                                                         dusri taraf kuch hamare supervisor bhai health minister se 80 se 120 ki sankhya me pichle 28/3/2015 se mil rahe hai or 05/10/15 se process start karne ke liye pressure kar rahe hai, jabki abhi haaal hi me apke samne gnm or anm ki list jri hoe ke bad  1300 karmik ( nrhm gnm or rch  me year 2003 se karyat anm ) niyamit naukri pane se vanchit ho gaye hai, bhaiyo in logo ne bhi niyamitkaran ke liye sangarsh kiya tha yedi inki dusri list nahi athi or athi hai to bhi 111 gnm jo ki lower percentgae ke hai unka chayan tab bhi nahi hoga,  hamare kuch ( 80-120) supervisor bhai jo ki  5/10/15 se management cader ki bharti karwana chate hai gnm union ki tarah par kya goverment supervisor cader ke poore pado par bharti karegi, or agar karti bhi hai to jo 900 me se 700 supervisor bhai niyamit naukri se vanchit ho jayege unko supervisor cader ke 80-120 log pure jivan bhar apni pocket se parvivar ke palan ke liye 1/2 hissa dege , bhaio nahi denge, ku ki yeh 80-120 log apne swarth ke karan 05/10/15 se bharti chathe hai, isliye me anaya supervisor bhaio se niveden karna chauga ki inke bhekave me na aye.

                                                                    mere sirf ek hi udshya hai ki nrhm me karyat managemnet cader ke sabhi bhai logo ka chaye vo 36% wala ho or chaye 100% wala ho , chaye usne nrhm sanvidha par 1 din kam kiya ho chaye vartman me karyart hai, chaye vo 18 saal k ho chaye vo 45 saal ka ho saabhi ko permanent niuakti milni chaye.

 Iske liye union Samaojan or vigapit bharti me 20/12.5 interview ka pravdhan karwana chah rahi hai taki management cader ka koi bhi bhai bhar na ho jo pichle 7 8 years se govt ko apni seva de raha hai or apl vetan par kam kar raha hai,

your Dist wise name for information

1. Ajmer  Pradeep Sharma,(9460240542) Rajendra dhanwal, (9694614853)

2 Alwar  Praveen Yadav(9660283768) Rakesh Soni(7737502140 ) Pushplata Jain  (9887436178) Asha Super visor Mukesh Sharma(8560052713) Do

3 Banswara   Shivdayal 8003390820 Umesh  8875008043

4 Bara  Khatri Ji 9887456091 Raviprakash 9529217502

5Barmer  Vikram 7568350700, Manish 9001892386 Pradeep 9529550216

6.Bharatpur Brijbihari Sharma 9414715764 Shrikant 9928081280

7Bhilwara Pawan Jain 9672990521 Deepak 9887118250

8Bikener Kishore Vyas 9928276866

9 Bundi Navin Bagla 9784746142

10 Chittor  Lokesh 9571611002

11 Churu Sajjan Singh 9461156105 nitin Sharma 9461244647

12 Dholpur Laxman 9782115472 Shailender 9929229311 Rajendra 9414221496

13 Dungurpur ...............................................................

14 Hanumangarh  Harbansh 9785220967 Rohit 8386804222

15 Jaislmer Arvind Kediya 9414744082 Rakesh Joshi9214186065

16 Jalore Sushill Mathur 9414900906 Yuvraj Pareek  9799493240

17 Jhalawar Mukesh 9887269712  Vijendra 9950162334

18Jhunjunu  Roitash Sharma 9414080293 Ashish Sharma 9468958145

 19 Jodhpur S.P Vyas 9460767027 Laxman Singh 9460217696  Naveen Bhati 9414295740

20 Jaipur Babulal Yadav 8432691631, Damodar prasad Sharma 8104414848 Babulal Sharma 9672371503 ,  Sunil Kumar Sen 9828375077

21 Kota mohd Shabbir 9530390414 Yogesh 9530390413

22 Nagur

23  Pali  Ramesh Suthar 9462272175  Chetan 9828828691

24Pratap Garh Mahipal 9829875776Surendra 2950270803

25 Karoli  Umesh Sharma 9799480340

 26 S. M   Subash  8426040034

27 Sikar Roitash 9460867374 Kamal Pareek 9783685994 Do Vishnu Sharma                           Rajesh Gupta

28 Sirohi Naveen 9667613660 Sunil  8104145880

29 Shri Ganganagar  Punit Bansal 9462893709 Subash Midda9785780451 Subash Rao 9462894095

30 Tonk  Vinod 9660390099

31 Udaipur  Rajesh 8386895692 Vimal 9636068610 Sunil 9414800929

   Age bhi ukt namo me  badlav Sanbhav hai, Do or Cop opt ka name or add hoge

Ap Sabhi Se niveden hai ki yedi koi karyasheel nahi hai to dusre nam apne jile se deve , nam vo hi de jo union ke karya me sayog kar sake

Jai bhole nath, har har mahadev

 Sunil Kumar Sen ( 9828375077)  

 

 

DATE:09.11.2014 Mondya and Tuesday ko Shrignaganagar walo ke samarthan me State ke Sabhi Accountant ki aur se 2 Dino Ka samukhi Avkash lene ka nirnaya liya gaya hai So Reqest to all District Sabhi Don Din 09.11.2014 and 10.11.2014 ko Samukhik Avkash Lenge.

DATE: 08.11.2014 TECHNICAL ERROR HONE SE GYAPAN DOWNLOAD NAHO HO RAHA HAI SO REQEST TO ALL FACE BOOK PE NRHM ACCOUNTANT RAJASTHAN PAGE SEARCH KAR KE DOWNLOAD KARE.

भारत माता मन्दिर, हरिद्वार

 

भारत को मातृदेवी के रूप में चित्रित करके भारतमाता या भारतम्बा कहा जाता है। भारतमाता को प्राय: केसरिया या नारंगी रंग की साड़ी पहने, हाथ में भगवा ध्‍वज लिये हुए चित्रित किया जाता है तथा साथ में सिंह होता है। भारत में भारतमाता के बहुत से मन्दिर हैं। काशी का भारतमाता मन्दिर  अत्यन्त प्रसिद्ध है जिसका उद्घाटन सन् १९३६ में स्वयं महात्‍मा गांधी ने किया था। हरिद्वार  का भारतमाता मन्दिर भी बहुत प्रसिद्ध है।


देवाधिदेव, आदिदेव, महादेव के त्रिशुल पर स्थित काशी को मन्दिरों का नगर होने का गौरव प्राप्त है। यहां देवी-देवताओं के अनेक मन्दिर हैं। इन मन्दिरों के बीच इस प्राचीन महानगर में एक ऐसा भी अद्वितीय मन्दिर है, जिसमें किसी देवी-देवता की प्रतिमा की जगह राष्ट्र का भौगोलिकीय लघु प्रतिरूप मूर्तिमान रूप में विराजित है। ‘भारतमाता मन्दिर‘ के नाम से चर्चित ‘राष्ट्रदेवता‘ का यह मन्दिर आजादी के योद्धाओं के लिए चर्चित विश्वविद्यालय '' महात्‍मा गांधी  काशी विद्यापीठ '' के परिसर में चित्रकला विभाग के समीप स्थित है।

इस मन्दिर के संस्थापक काशी के चर्चित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं काशी विद्यापीठ के संस्थापक स्व. बाबू शिवप्रसाद गुप्‍त थे। इस मन्दिर की स्थापना के विषय में बाबू शिवप्रसाद गुप्त ने एक विज्ञप्ति उस समय जारी की थी, जिसमें लिखा है, इसका निर्माण कार्य सम्वत्‌ १९७५ तद्नुसार वर्ष (१९१८ ई.) में प्रारंभ हुआ और ५-६ वर्ष में पूरा भी हो गया। यहां स्थापित भारतमाता की मूर्ति का शिलान्यास २ अप्रैल, १९२३ को श्री भगवानदास के करकमलों से हुआ था।"

सतह या भूतल पर सफेद और काले संगमरमर  पत्थरों से बनी सम्पूर्ण भारतवर्ष की भौगोलिक स्थिति को दर्शाती मां भारती की यह मूर्ति, पवित्र भारतभूमि की सम्पूर्ण भौगोलिक स्थितियों को आनुपातिक रूप में प्रकट करती है। पूरब से पश्चिम ३२ फुट २ इंच तथा उत्तर से दक्षिण ३० फुट २ इंच के पटल पर बनी मां भारती की इस प्रतिमूर्ति के रूप के लिए ७६२ चौकोर ग्यारह इंच वर्ग के मकराने के सफेद और काले संगमरमर के घनाकार टुकड़ों को जोड़कर भारत महादेश के इस भूगोलीय आकार को मूर्तिरूप प्रदान किया गया है। मां भारती की इस पटलीय मूर्ति के माध्यम से भारत राष्ट्र को पूर्व से पश्चिम तक २३९३ मील तथा उत्तर से दक्षिण तक २३१६ मील के चौकोर भूखण्ड पर फैला दिखाया गया है। इस मूर्ति पटल में हिमालय सहित जिन ४५० पर्वत चोटियों को दिखाया गया है उनकी ऊंचाई पैमाने के अनुसार १ इंच से २००० फीट की ऊंचाई को दर्शाती है। इस में छोटी-बड़ी आठ सौ नदियों को उनके उद्गम स्थल से लेकर अन्तिम छोर तक दिखाया गया है।

इस मूर्ति पटल पर भारत के लगभग समस्त प्रमुख पर्वत, पहाड़ियों, झीलों, नहरों और प्रान्तों के नामों को अंकित किया गया है। लगभग ४५०० वर्ग फुट क्षेत्र में तीन फीट ऊंचे एक विशाल चबूतरे पर यह मन्दिर बना है। भारत माता के इस मन्दिर के मध्य भाग में स्थापित भारत के विभिन्न भौगोलिक उपादानों के रूप में पर्वत, पठार, नदी और समुद्र के सजीव निर्माण के लिए संगमरमर के पत्थरों को जिस कलात्मक ढंग से तराश कर भारत के भौगोलिक भू-परिवेश का यथार्थ प्रतिरूपांकन किया गया है, वह भारत में पत्थर पर कलाकृति निर्माण कार्य में प्राचीन काल से चली आ रही कला और तकनीकी पक्ष को उजागर करती है। वास्तव में राष्ट्रभाव की अनुप्रेरक मां भारती के इस मन्दिर के निर्माण में कला, शिल्प और तकनीकी ज्ञान का उत्कृष्ट समन्वय हुआ है।


भारत माता जी की आरती :-

आरती भारत माता की
आरती भारत माता की, जगत की भाग्यविधाता की॥धृ॥
मुकुटसम हिमगिरिवर सोहे,
चरण को रत्नाकर धोए,...

देवता कण-कण में छाये
वेद के छंद, ग्यान के कंद, करे आनंद,
सस्यश्यामल ऋषिजननीकी॥1॥ जगत की...........

जगत से यह लगती न्यारी,
बनी है इसकी छवि प्यारी,
कि दुनिया झूम उठे सारी,
देखकर झलक, झुकी है पलक, बढ़ी है ललक,
कृपा बरसे जहाँ दाता की॥2॥ जगत की...........

पले जहाँ रघुकुल भूषण राम,
बजाये बंसी जहाँ घनश्याम,
जहाँ पग-पग पर तीरथ धाम,
अनेको पंथ, सहस्त्रों संत, विविध सद्ग्रंथ
सगुण-साकार जगन्माँकी॥3॥ जगत की...........

गोद गंगा-जमुना लहरे,
भगवा फहर-फहर फहरे,
तिरंगा लहर-लहर लहरे,
लगे हैं घाव बहुत गहरे,
हुए हैं खण्ड, करेंगे अखण्ड, यत्न कर चण्ड
सर्वमंगल-वत्सल माँ की॥4।। जगत की...........

बढ़ाया संतों ने सम्मान,
किया वीरों ने जीवनदान,
हिंदुत्व में निहित है प्राण,
चलेंगे साथ, हाथ में हाथ, उठाकर माथ,
शपथ गीता - गौमाता की॥5॥ जगत की...........



सबसे प्यारी भारत माता, इसका झंडा ऊँचा लहराता।
यह देश सबका राज दुलारा, प्राणों से भी हमको प्यारा।।

बड़ी मुशकिल से मिली आजादी, अग्रेजो से छुटी गुलामी।
इसी मिट्टी में जन्मा हूँ मैं, इसी मिट्टी में रम जाऊँगा।।

मेरे देश में अनेकता में एकता, सब दिशा में प्यार झलकता।
सब धर्मों के लोग यहाँ, बस जाते हैं यहाँ वहाँ।।

सबसे प्यारी भारत माता, इसका झंडा ऊँचा रहे लहराता।।



 तेरे नयनों में भर आये नीर तो, लहू मैं बहा दूं माँ|

न्योच्छार तुझपे जीवन करूँ, क्या जिस्म क्या है जाँ ||

 तू धीर गंभीर हिमाला को, मस्तक पे धारण करे |

तू चंचल गंगा जमुना का, प्रतिक्षण वरण करे ||

विविध भी एक हैं , देख ले चाहे जहां |

 जब उठा के लगा दें, हम मस्तक पे धूल ||

बसंत है चारों तरफ, खिले मुस्कान के फूल |

नफरत भी बन जाती है, प्रेम का समाँ ||

 तेरे बेटों की ओ माँ, बस यही है आरजू |

माटी को महकाने की, करें हर पल जुस्तजू ||

प्रेम की बरसात करें, अगर नफ़रत का उठे धुंआ ||


भारत माता के महान् सपूत :-


 

 

 

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